अर्जुन ने निराश न होते हुए कहा, "क्या हम छोटे नहीं हैं? लेकिन चींटियाँ मिलकर शेर को मार देती हैं। हम बौने सैनिक बनेंगे!"
क्या आप चाहेंगे कि मैं इस कहानी को किसी खास अंदाज़ में (जैसे थ्रिलर, कॉमेडी, या एडवेंचर) फिर से लिखूं?
लेकिन अर्जुन ने कहा, "छोटे होना बुरा नहीं है, दुर्गासुर। बुरा है अकेले बड़ा होना और दूसरों को सताना। हमारी ताकत एकता में है!" small soldiers in hindi
गुस्से में राक्षस चिल्लाया, "तुम छोटे कीड़े हो! तुम क्या कर लोगे?"
एक दिन, गाँव के सरपंच के बेटे 'अर्जुन' ने सभा में कहा, "हमें इस राक्षस का अंत करना होगा।" तुम क्या कर लोगे
अगले दिन से अर्जुन ने गाँव के हर युवा को बुलाया - चाहे वह कुम्हार का बेटा हो, मोची का लड़का या चरवाहा। कुल मिलाकर 50 छोटे कद के लड़के जमा हुए। अर्जुन ने उन्हें 'बौनों की सेना' नाम दिया।
बहुत पुरानी बात है, घने जंगल के किनारे एक छोटा-सा गाँव था - रामपुर। गाँव के लोग शांति से रहते थे, लेकिन पास के पहाड़ पर रहने वाला एक लालची राक्षस 'दुर्गासुर' उन्हें हमेशा परेशान करता था। वह हर महीने गाँव का अनाज और पशु छीन ले जाता। "छोटे होना बुरा नहीं है
अंत में, नींद की जड़ी वाली चाय पिलाकर उसे गहरी नींद सुला दिया गया। सुबह तक उसे पहाड़ से बाँधकर दूर फेंक दिया गया।