वहाँ उन्हें एक गुफा मिली। गुफा के दरवाज़े पर हिंदी में लिखा था: "सूचकांक केवल सत्य के यात्री को मिलेगा।"
शान ने अपने सौतेले पिता हैंक (Hank) को बताया। हैंक, जो एक पूर्व नौसेना अधिकारी थे, ने उड़ान भरने से मना कर दिया। "बेटा, यह असंभव है," उन्होंने कहा।
अगले ही पल, दादी प्रकट हुईं। वह बोलीं, "शान, यह सूचकांक कोई नक्शा नहीं है। यह उन सब यात्राओं की डायरी है, जो इस द्वीप पर आईं। मैं यहाँ फँसी थी क्योंकि मैं केवल खजाना ढूंढ़ना चाहती थी। तुमने बलिदान चुना, इसलिए तुमने मुझे मुक्त कर दिया।"
अंदर, तीन किवाड़ थे। पहले पर लिखा था "भय", दूसरे पर "लालच", तीसरे पर "बलिदान"।
सच्ची यात्रा द्वीप तक नहीं, बल्कि अपने अंदर के सूचकांक तक होती है।
मीरा ने कहा, "यह कोड है। हमें सही दरवाज़ा चुनना होगा।"
"जो इस द्वीप को ढूंढे, वह अपना भविष्य पाए। जो इसका सूचकांक पढ़े, वह अपना अतीत सुधारे।"